Anmol Vachan shayari

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पृथ्वी सत्य पे टिकी हुई है. ये सत्य की ही ताक़त है,
जिससे सूर्य चमकता है और हवा बहती है,
वास्तव में सभी चीज़ें सत्य पे टिकी हुई हैं,

जो हमारे दिल में रहता है, वो दूर होके भी पास है.
लेकिन जो हमारे दिल में नहीं रहता,
वो पास होके भी दूर है,

जिस आदमी से हमें काम लेना है,
उससे हमें वही बात करनी चाहिए जो
उसे अच्छी लगे,
जैसे एक शिकारी हिरन का शिकार
करने से पहले मधुर आवाज़ में गाता है,

एक संतुलित मन के बराबर कोई तपस्या नहीं है,
संतोष के बराबर कोई खुशी नहीं है,
लोभ के जैसी कोई बिमारी नहीं है,
दया के जैसा कोई सदाचार नहीं है,

सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने
जैसी दिखाई पड़ती है,
अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर
अवश्य पड़ता है,

ढेकुली नीचे सिर झुकाकर ही कुँए से
जल निकालती है,
अर्थात कपटी या पापी व्यक्ति सदैव
मधुर वचन बोलकर अपना काम निकालते हैं,

दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत
नहीं होतीअर्थात आवश्कयता के
अनुसार साधन जुटाने चाहिए,

यदि आप गरीब जन्मे है तो यह
आपकी गलती नहीं है,लेकिन यदि
आप गरीब मरते है,तो यह आपकी गलती है,

किसी के छाव के नीचे खड़े रहने से
खुद की छाव निर्माण नही होती,
खुद की छाव बनाने के लिए
कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता है,

अपने आप को विकसित करे,
याद रखें,गति और विकास जिंदा इंसान
की निशानी है,

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